अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर इलेक्टोरल कॉलेज जो बाइडन के अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बनने की आधिकारिक पुष्टि कर देता है तो वो व्हाइट हाउस छोड़ देंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने तीन नवंबर 2020 के मतदान में मिली हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और 26 नवंबर 2020 को पत्रकारों से कहा कि ये स्वीकार करना 'कठिन' होगा।
उन्होंने एक बार फिर मतदान में धांधली के निराधार दावों को दोहराया। अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए अपनाई जाने वाली पद्धति के तहत बाइडन को अब तक 306 वोट जबकि ट्रंप को उनसे कम 232 वोट मिले हैं। जीत के लिए 270 वोट की ज़रूरत होती है। कुल मतों के हिसाब से भी बाइडन 60 लाख मतों से आगे हैं।
इलेक्टोरल कॉलेज मतों पर आख़िरी फ़ैसला करने के लिए अगले महीने बैठक करेगा। 14 दिसंबर 2020 को अमेरिकी इलेक्टोरल कॉलेज बाइडन की जीत की पुष्टि कर देगा।
उनकी पुष्टि के बाद जो बाइडन 20 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप और उनके समर्थकों ने चुनाव को लेकर कई मुक़दमे भी दर्ज कराए हैं, लेकिन इनमें से ज़्यादातर को ख़ारिज कर दिया गया।
इस हफ़्ते की शुरुआत में, ट्रंप ने अनिश्चितता के कई हफ्तों के बाद अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की टीम को औपचारिक रूप से सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। इस फ़ैसले का मतलब है कि 20 जनवरी 2021 को शपथ ग्रहण करने जा रहे बाइडन अब शीर्ष स्तर पर सुरक्षा अधिकारियों से जानकारी ले सकेंगे और प्रमुख सरकारी अधिकारियों और लाखों डॉलर के फंड के मामले में भी उनकी पहुंच होगी।
ट्रंप ने क्या कहा?
26 नवंबर 2020 को जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर 14 दिसंबर 2020 के इलेक्टोरल कॉलेज के वोट में वो हारते हैं तो व्हाइट हाउस छोड़ने पर राज़ी होंगे? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, ''निश्चित रूप से मैं करूंगा, निश्चित रूप से मैं करूंगा और आप ये जानते हैं।''
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ''अगर वो करते हैं (जो बाइडन का चुनाव), तो वो ग़लती करेंगे।''
इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, ''ये चीज़ स्वीकार करना बहुत मुश्किल होगा।'' उन्होंने बिना कोई सबूत दिए फिर से चुनाव के दौरान ''बड़ी धांधली'' होने के दावों को दोहराया।
अमरीका के इलेक्टोरल सिस्टम के तहत मतदाता अगले राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं करते हैं। इसके बजाए वो 538 उम्मीदवारों के लिए मतदान करते हैं। इन उम्मीदवारों की संख्या अमरीकी राज्यों की आबादी के आधार पर अलग-अलग होती है। ये इलेक्टोरल तक़रीबन हमेशा उस उम्मीदवार को वोट देते हैं जिसने उनके राज्यों के ज़्यादातर वोट जीते होते हैं। हालांकि संभव है कि कुछ मतदाताओं के चुनाव की अनदेखी करे। लेकिन इस तरह से आज तक नतीजे में उलटफेर नहीं हुआ है।
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