बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि वो बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़े हैं और उन्हें इस पर गर्व है।
राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए आडवाणी ने कहा, ''मैं बचपन से जिस संगठन के साथ जुड़ा हूं उसका सम्मान करता हूँ और मुझे उस पर गर्व है और ये संगठन आरएसएस है।''
आडवाणी का ये बयान संघ के प्रति आस्था व्यक्त करना भर है या फिर इसके कुछ सियासी मायने भी हैं।
आडवाणी का संघ से गहरा नाता रहा है और वो राजस्थान में संघ के प्रचारक रहे हैं। साल 2005 में कराची यात्रा के दौरान जिन्ना के बारे उनकी टिप्पणी आरएसएस को नागवार गुजरी थी जिसकी वजह से दोनों के रिश्ते में थोड़ी खटास आ गई थी।
हालांकि फिर साल 2009 में संघ के कहने पर ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री के रूप में उनका नाम आगे बढ़ाया था।
लेकिन आडवाणी ने इस समय आरएसएस की तारीफ़ की है जिसके अपने मायने हैं क्योंकि वो इस समय भाजपा के उस मार्गदर्शक मंडल में हैं जो हाशिए पर है और जिसकी कभी कोई बैठक नहीं हुई।
बिहार चुनाव के बाद आडवाणी का बस एक बयान आया था जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व पर कुछ सवाल उठाए गए थे, लेकिन उसके बाद कहीं कुछ सुनने में नहीं आया।
आरएसएस वर्तमान सरकार में अहम भूमिका अदा कर रहा है और आडवाणी अपने लिए एक रास्ता खोलना चाहते हैं क्योंकि आरएसएस के मौजूदा नेतृत्व के साथ उनके वैसे संबंध नहीं हैं जैसे पुराने नेतृत्व के साथ थे।
आडवाणी के ताज़ा बयान को अगले राष्ट्रपति चुनाव के नज़रिए से भी देखने की ज़रूरत है।
मीडिया के एक हिस्से में चर्चा है कि आडवाणी को भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए नामित कर सकती है।
मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई 2017 को खत्म होगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद तय है कि बीजेपी अगले राष्ट्रपति के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी।
इस तरह की तमाम ख़बरें सामने आ चुकी हैं जो कहती हैं कि राष्ट्रपति की कुर्सी में आडवाणी की दिलचस्पी है।
हालांकि बाबरी मस्जिद वाला केस सुप्रीम कोर्ट में दोबारा आ गया है जिसमें उनका नाम है।
वैसे अभी ये नहीं पता है कि आडवाणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की कितनी दिलचस्पी है ?
फिर भी इतना तो तय है कि आडवाणी आरएसएस के ज़रिए ये संदेश देना चाहते हैं कि उनके नाम पर भी विचार किया जाए।
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