भारत: नॉमिनल GDP के हिसाब से दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
अप्रैल 2026 तक, भारत नॉमिनल GDP के हिसाब से दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
हालांकि हाल के वर्षों में भारत कुछ समय के लिए चौथे और पांचवें स्थान पर रहा था, लेकिन विनिमय दरों में हाल के बदलावों और सांख्यिकीय अपडेट्स ने इसकी मौजूदा स्थिति को बदल दिया है। फिर भी, यह दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है।
वैश्विक रैंकिंग (नॉमिनल GDP, 2026)
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अप्रैल 2026 के 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' में शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं को इस प्रकार रैंक किया गया है:
1 संयुक्त राज्य अमेरिका $32.38 ट्रिलियन स्थिर स्थिति
2 चीन $20.85 ट्रिलियन धीमी होती वृद्धि
3 जर्मनी $5.45 ट्रिलियन ऊर्जा की उच्च लागत
4 जापान $4.38 ट्रिलियन भारत से अपना स्थान वापस पाया
5 यूनाइटेड किंगडम $4.26 ट्रिलियन भारत से अपना स्थान वापस पाया
6 भारत $4.15 ट्रिलियन सबसे तेज प्रमुख वृद्धि (6.5%)
भारत छठे स्थान पर क्यों खिसक गया?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऐसा घरेलू मंदी के कारण नहीं हुआ है। अर्थशास्त्री इसके दो तकनीकी कारण बताते हैं:
मुद्रा का अवमूल्यन: भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है (लगभग ₹92–₹94/$ के स्तर तक पहुँच गया है)। चूंकि वैश्विक रैंकिंग USD में मापी जाती है, इसलिए कमजोर रुपया अर्थव्यवस्था के डॉलर मूल्य को "छोटा" कर देता है, भले ही देश वास्तविक रूप से बढ़ रहा हो।
आधार वर्ष में संशोधन: भारत ने हाल ही में अपनी GDP आधार वर्ष की गणना को अपडेट किया है। इस परिष्कृत कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप, पिछले पुराने मॉडल के अनुमानों की तुलना में डॉलर के संदर्भ में नॉमिनल GDP का आंकड़ा थोड़ा कम रहा।
PPP का लाभ
जब क्रय शक्ति समता (PPP)—जो जीवन-यापन की लागत और स्थानीय क्रय शक्ति के अनुसार समायोजित होती है—को देखा जाता है, तो भारत की स्थिति कहीं अधिक बेहतर है। इस श्रेणी में, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो केवल चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका से पीछे है।
भविष्य की संभावनाएं
नॉमिनल रैंकिंग में मौजूदा "अवरोध" के बावजूद, भारत की विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है:
विकास दर: 2026 के लिए 6.5% अनुमानित है, जो UK (0.8%) या जापान (0.7%) की तुलना में काफी अधिक है। लक्ष्य: अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारत 2027 तक फिर से चौथा स्थान हासिल कर लेगा और 2030–2031 तक तीसरे स्थान पर पहुँच जाएगा।
हालाँकि कुल मिलाकर भारत एक विशाल अर्थव्यवस्था है, फिर भी इसकी प्रति व्यक्ति GDP लगभग $2,813 पर कम बनी हुई है; यह इस बात को दर्शाता है कि 1.4 अरब की आबादी में इस धन का वितरण करना कितनी बड़ी चुनौती है।
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